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बस्ती में ‘खाकी’ का खूनी खेल? युवक की मौत के बाद चौकी प्रभारी समेत 3 सस्पेंड!

आधी रात दबिश, 50 हजार की डिमांड और फिर मिली जली लाश; विक्रमजोत पुलिस के हाथ खून से सने!

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती पुलिस में ‘खाकी’ शर्मसार: एसपी का हंटर चला, विक्रमजोत चौकी प्रभारी समेत तीन निलंबित

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।

  • कप्तान का हंटर: वसूली और प्रताड़ना के आरोपी चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह नपे, महकमे में हड़कंप।
  • रक्षक या भक्षक? बिना FIR दबिश देने वाली विक्रमजोत पुलिस ने ली युवक की जान! परिजनों का गंभीर आरोप।
  • विक्रमजोत कांड: वर्दी पर लगा ‘दाग’, एसपी ने किया तीन को लाइन हाजिर!

बस्ती | ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखने वाले और वर्दी की हनक में ‘वसूली का खेल’ खेलने वाले पुलिसकर्मियों पर आखिरकार कप्तान का चाबुक चल गया है। जिले के तेजतर्रार एसपी के कड़े रुख ने महकमे में उस वक्त हड़कंप मचा दिया, जब विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई केवल एक निलंबन नहीं, बल्कि उन ‘वर्दीधारी भेड़ियों’ को चेतावनी है जो रक्षक की आड़ में भक्षक बने हुए थे।

लाश मिली तो खुला ‘काले कारनामों’ का कच्चा चिट्ठा

मामला विक्रमजोत चौकी क्षेत्र का है, जहाँ एक युवक की जली हुई लाश मिलने के बाद पूरी पुलिस व्यवस्था हिल गई। आरोप है कि चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह, कांस्टेबल काशी पाण्डेय और राहुल सिंह ने कानून की मर्यादा को ताक पर रखकर आधी रात को दबिश दी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस युवक के घर पुलिस बिना किसी FIR के दबिश देने पहुंची थी, अगले ही दिन उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में जली हुई लाश बरामद हुई।

50 हजार की डिमांड और पिता को ‘बंधक’ बनाने का आरोप

मृतक के परिजनों ने जो खुलासे किए हैं, उसने बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर कालिख पोत दी है। परिजनों का सीधा आरोप है कि:

  • चौकी प्रभारी ने युवक को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मोटी रकम मांगी थी।
  • दबाव बनाने के लिए युवक के लाचार पिता को रात भर चौकी में बिठाकर प्रताड़ित किया गया।
  • बिना किसी कानूनी आधार के दबिश देकर पुलिस ने दहशत का माहौल बनाया।

“वर्दी सेवा के लिए होती है, उगाही के लिए नहीं। संदिग्ध भूमिका और ग्रामीणों के गंभीर आरोपों के आधार पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है। जांच जारी है, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।” — सूत्र, पुलिस प्रशासन

ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, आधी रात गूंजे नारे

युवक की मौत और पुलिस की संलिप्तता की खबर जैसे ही फैली, विक्रमजोत इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। देर रात तक चली नारेबाजी और भारी विरोध प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि जनता का धैर्य अब जवाब दे चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि शशि शेखर सिंह की तैनाती के बाद से ही चौकी ‘वसूली का अड्डा’ बन गई थी।

जांच के घेरे में ‘खाकी’ के कारनामे

शशि शेखर सिंह अपनी तैनाती के बाद से ही लगातार विवादों के केंद्र में रहे हैं। अब जली हुई लाश मिलने के मामले में उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर किसके शह पर बिना FIR के दबिश दी गई? क्या खाकी के रसूख के आगे एक जान की कोई कीमत नहीं?

फिलहाल, एसपी की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से जिले के अन्य भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के पसीने छूट रहे हैं। विक्रमजोत चौकी अब पूरी तरह जांच के घेरे में है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम इस रडार पर आ सकते हैं।

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